॥ ०१ / दर्शन एवं आरती ॥
दिव्य धाम के पावन दर्शन।
माँ हनुमंता धाम में श्रद्धा और भक्ति का संगम है। नित्य आरती, श्रृंगार और दिव्य दर्शन के माध्यम से माता जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। यहाँ हर भक्त के लिए सेवा और समर्पण का मार्ग खुला है।
नित्य सेवा
आरती समय
माता जी की नित्य आरती और दर्शन का समय, जो भक्तों के लिए सदैव उपलब्ध है।
- प्रातःकालीन आरतीनित्य
- श्रृंगार दर्शनविशेष
- भोग प्रसादनित्य
- विशेष अनुष्ठानयथाशक्ति
- भजन संध्यासाप्ताहिक
भक्त संकल्प
धाम सदस्यता
धाम के सेवा कार्यों में जुड़ें और माता जी के आशीर्वाद के साथ आध्यात्मिक उन्नति करें।
- नित्य दर्शन प्राथमिकता
- आरती में विशेष स्थान
- गुरूजी से सीधा संवाद
- प्रसाद वितरण में वरीयता
- वार्षिक उत्सव निमंत्रण
- परिवार हेतु विशेष पूजा
आध्यात्मिक
कार्यक्रम
धाम में आयोजित होने वाले विशेष उत्सव, सत्संग और सेवा कार्यों की जानकारी यहाँ प्राप्त करें।
- मासिक विशेष अनुष्ठान
- वार्षिक उत्सव आयोजन
- सत्संग एवं प्रवचन
- सेवा कार्य शिविर
सेवा में सहयोग करें।
माँ हनुमंता धाम के सेवा कार्यों में आपका छोटा सा योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता जी की कृपा से धाम के विकास में सहभागी बनें। दान हेतु संपर्क करें.
भक्ति का पावन मार्ग.
— श्रद्धा, सेवा और संस्कार का संगम, जहाँ हर पल माता जी की कृपा का अनुभव होता है।

—भोर आरती · १,२४० भक्त

—दिव्य दर्शन · ९८० भक्त

—सेवा कार्य · ७६५ भक्त

—संस्कार · १,५६० भक्त

—सत्संग · ९२० भक्त

—अन्नदान · ४४० भक्त

—भजन संध्या · ३८० भक्त

—योग कक्षा · ३१० भक्त

—आरती समय · ६९० भक्त
— माँ हनुमंता धाम · सेवा और समर्पण का पावन केंद्र
॥ ०१ / जिज्ञासा समाधान ॥
भक्तों के प्रश्न, समाधान की ओर।
श्रद्धा और विश्वास के साथ पूछे गए हर प्रश्न का उत्तर यहाँ उपलब्ध है।
"श्रद्धा ही वह मार्ग है जो भक्त को प्रभु से जोड़ती है।"
अन्य प्रश्न हैं?
— संपर्क करें