॥ ०१ / धाम की यात्रा ॥
श्रद्धा एवंसेवा कादशक।
- २०१४
धाम की स्थापना
माँ हनुमंता धाम की नींव एक छोटे से स्थान पर रखी गई, जिसका उद्देश्य जन-सेवा और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग प्रशस्त करना था।
२०१४धाम की स्थापना
माँ हनुमंता धाम की नींव एक छोटे से स्थान पर रखी गई, जिसका उद्देश्य जन-सेवा और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग प्रशस्त करना था।

- २०१६
प्रथम आरती उत्सव
भक्तों के सहयोग से मंदिर में पहली भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसने धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा को एक नई पहचान दी।
२०१६प्रथम आरती उत्सव
भक्तों के सहयोग से मंदिर में पहली भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसने धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा को एक नई पहचान दी।
- २०१८
सेवा प्रकल्प विस्तार
धाम ने अपने सेवा कार्यों का विस्तार करते हुए निर्धन छात्रों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की।
२०१८सेवा प्रकल्प विस्तार
धाम ने अपने सेवा कार्यों का विस्तार करते हुए निर्धन छात्रों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की।

- २०२०
ऑनलाइन सत्संग
वैश्विक महामारी के दौरान, धाम ने डिजिटल माध्यम से भक्तों को जोड़कर सत्संग और ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया।
२०२०ऑनलाइन सत्संग
वैश्विक महामारी के दौरान, धाम ने डिजिटल माध्यम से भक्तों को जोड़कर सत्संग और ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया।
- २०२२
पुस्तकालय एवं संस्कार
प्राचीन ग्रंथों और आध्यात्मिक साहित्य के संरक्षण हेतु एक विशेष पुस्तकालय की स्थापना की गई, जो सभी के लिए खुला है।
२०२२पुस्तकालय एवं संस्कार
प्राचीन ग्रंथों और आध्यात्मिक साहित्य के संरक्षण हेतु एक विशेष पुस्तकालय की स्थापना की गई, जो सभी के लिए खुला है।

- २०२५
एक दशक की सेवा
दस वर्षों की निरंतर सेवा के बाद, माँ हनुमंता धाम आज श्रद्धा, भक्ति और संस्कार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
२०२५एक दशक की सेवा
दस वर्षों की निरंतर सेवा के बाद, माँ हनुमंता धाम आज श्रद्धा, भक्ति और संस्कार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
श्रद्धा और सेवा
के पुंज।
पूज्य गुरुजी
पूज्य गुरुजी ने अपना जीवन माता जी की भक्ति और जन-सेवा के लिए समर्पित किया है।
उनकी शिक्षाएं श्रद्धा, संस्कार और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
माँ हनुमंता धाम उनके संकल्प का ही परिणाम है, जो भक्तों के लिए एक पावन केंद्र है।

"श्रद्धा ही वह मार्ग है जो भक्त को ईश्वर से जोड़ता है।"
॥ धाम का पावन उद्देश्य ॥
आध्यात्मिक उद्देश्य
श्रद्धा एवं समर्पण
माँ हनुमंता धाम में प्रत्येक अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है, जो भक्तों को ईश्वरीय शांति से जोड़ता है।
सेवा एवं संस्कार
हमारा उद्देश्य सेवा भाव को जागृत करना है, जहाँ संस्कार और परोपकार के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
आध्यात्मिक उत्थान
नियमित आरती, सत्संग और ध्यान के द्वारा हम भक्तों को आत्म-साक्षात्कार और मानसिक शांति के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।